Jodhpur News

जोधपुर गैस ब्लास्ट को लेकर जन आक्रोश मार्च:काले झंडे लहराकर मांगा पीड़ितों का हक, कई जिलों से लोग पहुंचे

जोधपुर के शेरगढ़ कस्बे के भूंगरा गांव में हुए गैस हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को विशेष आर्थिक सहायता पैकेज देने की मांग को लेकर सर्व समाज का आज महात्मा गांधी हॉस्पिटल मॉर्च्युरी के बाहर धरना दिया जा रहा है।

धरने में जोधपुर सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में युवा और ग्रामीण पहुंचे हैं। सभी की एक ही मांग है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी एवं हादसे में घायल को 25 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए। यहां से रैली जिला कलेक्ट्रेट के लिए निकली।

रैली में बड़ी संख्या में युवा पहुंचे हैं और सिर पर काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं।
रैली में बड़ी संख्या में युवा पहुंचे हैं और सिर पर काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं।

रैली में शामिल युवा काले झंडे लेकर आए। हाथों पर और शेर पर काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। इधर रैली को देखते हुए पास का तिब्बती मार्केट भी बंद है। पुलिस ने जालोरी गेट जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया।

शहर के कई इलाकों में रैली का असर साफ दिखा। पुलिस की ट्रैफिक व्यवस्था की पोल भी खुल गई। रैली के दौरान कई इलाकों में सड़कों पर जाम नजर आया।
शहर के कई इलाकों में रैली का असर साफ दिखा। पुलिस की ट्रैफिक व्यवस्था की पोल भी खुल गई। रैली के दौरान कई इलाकों में सड़कों पर जाम नजर आया।

यातायात व्यवस्था बिगड़ी

इस रैली के दौरान पुलिस की लापरवाही भी सामने आई। भारी पुलिस जाब्ते के बावजूद यहां पर यातायात व्यवस्था बिगड़ी हुई नजर आई। पुलिस ने रूट में भी बंद रास्तों का उल्लेख नहीं किया इसके चलते लोग भी काफी परेशान नजर आए महात्मा गांधी हॉस्पिटल से लेकर अन्य जगहों पर जाने वाले लोगों को परेशान होना पड़ा।

ज्ञापन देने के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय में मारवाड़ राजपूत समाज के बैनर तले लोग कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे। फिलहाल कलेक्टर के साथ वार्ता चल रही है।
ज्ञापन देने के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय में मारवाड़ राजपूत समाज के बैनर तले लोग कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे। फिलहाल कलेक्टर के साथ वार्ता चल रही है।

जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन देने लोग पहुंचे हैं। कलेक्टर के साथ आंदोलनकारियों की वार्ता चल रही है। इधर इस रैली को लेकर प्राइवेट बस संचालक मंडल ने भी पहल की थी। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली बसों में जोधपुर रैली में आने वाले लोगों के लिए नि:शुल्क यात्रा करवाई गई।

मारवाड़ राजपूत सभा की ओर से भूंगरा गैस ब्लास्ट पीड़ितों को उचित मुआवजे की मांग को लेकर यह ज्ञापन दिया गया।
मारवाड़ राजपूत सभा की ओर से भूंगरा गैस ब्लास्ट पीड़ितों को उचित मुआवजे की मांग को लेकर यह ज्ञापन दिया गया।

धरना स्थल पर शेरगढ़ के पूर्व विधायक बाबूसिंह राठौड़, समाजसेवी रामचंद्र सिंह मनना, फलोदी विधायक पब्बाराम विश्नोई, बीजेपी नेता जगत नारायण जोशी, माधो सिंह उदट, रानोसा प्रतापसिंह इंदा, छात्र नेता मोती सिंह जोधा, रविंद्र सिंह भाटी, भाजपा नेता भोपाल सिंह बड़ला, पार्षद रेवंत सिंह इंदा सहित सर्व समाज के कई लोग रैली में शामिल हैं।

रैली में बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। रैली विभिन्न रास्तों से कलेक्टर की तरफ कूच हुई। पुलिस ने कलेक्ट्रेट पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए।
रैली में बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। रैली विभिन्न रास्तों से कलेक्टर की तरफ कूच हुई। पुलिस ने कलेक्ट्रेट पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए।
कलेक्ट्रेट पर पुलिस का भारी जाप्ता तैनात रहा। ये बीजेपी के नेता हैं जो पिछले गेट से अंदर आने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें बिना अनुमति आने पर वापस भेज दिया।
कलेक्ट्रेट पर पुलिस का भारी जाप्ता तैनात रहा। ये बीजेपी के नेता हैं जो पिछले गेट से अंदर आने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें बिना अनुमति आने पर वापस भेज दिया।

शनिवार शाम वार्ता हुई थी विफल

धरनास्थल पर शनिवार शाम समाज के प्रतिनिधि मंडल की प्रशासन के साथ वार्ता विफल रही। इसके बाद रविवार सुबह 11:00 बजे जिला कलेक्ट्रेट तक रैली निकालने का फैसला लिया गया। रैली को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के नेता भी एकजुट हुए नजर आए। शेरगढ़ के पूर्व विधायक बाबू सिंह राठौड़ और वर्तमान विधायक मीना कंवर के पति उम्मेद सिंह दोनों ने धरना स्थल पर संबोधित करते हुए समाज के लिए एकजुट होकर पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता का विशेष पैकेज दिलवाने के लिए संघर्ष का ऐलान किया था।

जोधपुर गैस ब्लास्ट हादसे में अब तक 33 लोगों की जान जा चुकी है। कुल 17 घायल अभी भी महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 8 आईसीयू में हैं। जबकि 9 सामान्य बर्न यूनिट वार्ड में एडमिट हैं। शुक्रवार को भी अस्पताल में एडमिट चंपा कंवर (40) पत्नी जब्बर सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। चंपा कंवर 60 फीसद से अधिक झुलस गई थीं।

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